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Google vs Nvidia Which is better TPUs or GPUs: क्या Google की TPU चिप्स Nvidia की AI Monopoly को चुनौती दे सकती हैं?

Uzuy Alpha

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Google vs Nvidia Which is better TPUs or GPUs: क्या Google की TPU चिप्स Nvidia की AI Monopoly को चुनौती दे सकती हैं?

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Google vs Nvidia Which is better TPUs or GPUs…टेक खबरों में Nvidia की हमेशा अच्छी खबरें होती है लेकिन इस बार नहीं जब भी Nvidia जैसी ट्रिलियन डॉलर कंपनी की बात होती है, ज़्यादातर अच्छी खबर ही सुनने को मिलती है। कभी मार्केट ऊपर जाता है, कभी Nvidia के निवेशक करोड़ों कमाते हैं, या फिर टेक दिग्गज Nvidia में लाखों-करोड़ों का निवेश करते हैं या फिर कुछ बढ़िया नया इनोवेशन हुआ हो। लेकिन इस बार माहौल थोड़ा अलग है। क्योंकि Nvidia के सामने एक नया लेकिन पुराना चैलेंजर खड़ा दिख रहा है और वो है Google। इस ब्लॉग पोस्ट में हम अच्छे से जानेंगे इस बारे में।

Google vs Nvidia Which is better TPUs or GPUs

Meta की बड़ी चाल: Google से चिप्स खरीदने पर विचार

सोमवार रात एक बड़ी खबर सुनने को मिलती है जिसने पूरे टेक जगत को हिला के रख दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Meta अब Google से चिप्स खरीदने पर विचार कर रहा है, ताकि उनकी Nvidia पर अपनी निर्भरता कम की जा सके। वैसे अभी तक कोई डील साइन हुई तोह नहीं है, लेकिन अगर यह डील पक्की होती है तो इसकी कीमत अरबों डॉलर हो सकती है। और इसका सीधा असर Nvidia कंपनी की dominance पर पड़ेगा और इससे Nvidia को करोड़ो का नुक्सान होगा।

इस खबर आते ही Nvidia के शेयर गिर गए। मंगलवार सुबह को शेयर 7% तक नीचे गए , दिन के अंत तक यह 2.6% लाल निशान पर बंद हुए और $100 बिलियन से ज़्यादा की वैल्यू कम हो गई।

Nvidia का बयान — तारीफ है या तंज?

करोड़ो के शेयर गिरने के बाद Nvidia ने एक बयान जारी किया, जिसमे उनका कहना है की “हम Google की सफलता से खुश हैं। उन्होंने AI फील्ड में काफी प्रगति की है। Nvidia इंडस्ट्री से एक generation आगे है। हमारा प्लेटफॉर्म हर AI मॉडल को, हर जगह चला सकता है।”

यह बयान एक तरफ से तारीफ लगता है,
लेकिन साथ ही निवेशकों को यह याद भी दिलाता है कि Nvidia अब भी आगे है और साथ ही उनका डोमिनान्स भविस्य में रहेगा।

अब सवाल यह उठता है की क्या Nvidia का मार्केट सुरक्षित है? Nvidia का ब्यान अपना इरादा निवेशकों को आश्वस्त तोह करने का था। लेकिन क्या मार्केट वाकई सुरक्षित है? इसका जवाब Google की चिप्स को समझने में है।

Google के TPU vs Nvidia के GPU

Google vs Nvidia Which is better TPUs or GPUs

Google कंपनी पिछले एक दशक से अपने TPUs (Tensor Processing Units) पर काम कर रहा है।
ये चिप्स अब तक Google के अंदर ही इस्तेमाल होती थीं जैसे उनके AI मॉडल ट्रेन करने में, जैसे Gemini 3। Gemini 3 को पूरी तरह Google के TPUs पर ट्रेन किया गया है और इस AI मोडल ने कई दूसरे AI मॉडलों को outperform किया है।

इस वजह से कई टेक कंपनियाँ Google में दिलचस्पी लेने लगीं है। पिछला महीना, Anthropic ने 1 मिलियन TPU खरीदने की डील की है और सोमवार को Meta और Google की संभावित डील की खबरे चली है। यह सब चीज़े साफ दिख रहा है की कई टेक कंपनियाँ अपनी निर्भरता Nvidia से हटाना चाहती हैं।

क्या TPUs वाकई Nvidia के GPUs का मुकाबला कर सकते हैं?

Nvidia कंपनी अभी भी AI चिप मार्केट के 90% हिस्से पर काबिज है। लगभग monopoly में बाजार में। Nvidia के GPUs चिप बहुत शक्तिशाली हैं, और उन्होंने अपने सबसे पहले तकनीक को बाजार में लाने के फायदे को लगातार बेहतर बनाया है। Google ही अकेला नहीं है जिसका पास खुद की चिप्स है , Amazon के पास भी Trainium chip है, OpenAI Broadcom कमपनी के साथ अपना chip बना रहा है।

लेकिन सवाल वही है—क्या कंपनियों के पास इतनी वजह है कि वे Nvidia को छोड़ दें?

क्यों कई टेक कम्पनिया nvidia से चिप्स नहीं खरीदने का सोच रही है?

चार मुख्या कारण है जिससे टेक कम्पनिया nvidia से चिप्स नहीं खरीदने का सोच रही है जैसे की:

  1. पहला मुख्य कारण है की गूगल के TPU चिप्स nvidia के GPU चिप्स से सस्ते में मिलते है अगर nvidia के GPU चिप्स $40000 में मिलते है तोह गूगल के TPU चिप्स $4000 से $20000 में मिलते है।
  2. Experts के हिसाब से, non-Nvidia के चिप्स 1.4× बेहतर परफॉरमेंस पर डॉलर देते हैं। जिससे समय और पैसा दोनों की बचत होती है।
  3. GPUs एक स्विस चाक़ू की तरह हैं जो कई काम एक साथ कर लेता है। दूसरी चिप्स कस्टम बिल्ट होती हैं, मतलब एक-दो स्पेसिफिक काम के लिए बनी होती हैं, इसलिए काफी सस्ती पड़ती हैं।
  4. आखिरी कारण है की GPUs चिप्स काफी पावरफुल होते है और इसमें AI को ट्रैन करने के लिए CUDA सॉफ्टवेयर का इस्तमाल होता है जिसमे AI डेवेलपर्स काफी निर्भर होते है AI को ट्रैन करने के लिए क्यूंकि यह काफी आसानी से और जल्दी AI को ट्रैन कर देता है।

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Google TPUs vs Nvidia GPUs

फिलहाल नई चिप्स बाजार में हलचल तोह मचाएगी पर जैसा की Nvidia ने कहा की वह एक जनरेशन आगे है। नयी कम्पनिया बस यह सब इसलिए करने की सोच रही है क्यूंकि वो सिर्फ Nvidia पर निर्भर नहीं रहना चाहती है। बाकी Nvidia का ढबढबा मार्किट के बरकरार रखेगा क्यूंकि जब भी कम्पनीज को बढ़िया चिप्स की जरुरत होगी वो चिप्स फिलहाल Nvidia ही दे सकती है।

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